Rohtak Murder Mystery: हरियाणा के रोहतक स्थित रिठाल गांव में 19 अप्रैल की रात जो हुआ, उसने पूरे प्रदेश को दहला दिया है। एक महिला, जिसकी आँखों में अपने बच्चों का भविष्य था और जो चंद लम्हे पहले पड़ोस के संगीत कार्यक्रम में खुशियां मना रही थी, उसे उसके ही सगे जेठ ने ‘दरांत’ (हंसिया) से काटकर मौत के घाट उतार दिया। लेकिन यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं है; यह कहानी है एक ऐसे परिवार की, जिसके आंगन में बहुओं की मौत होना जैसे एक डरावना रिवाज बन चुका है।
Rohtak Murder Mystery वारंट पर ‘रिश्तों का कातिल’: जसबीर और सुखबीर का काला इतिहास
पुलिस तफ्तीश में जो खुलासे हुए हैं, वे किसी भी संवेदनशील इंसान की रूह कंपाने के लिए काफी हैं। आरोपी जेठ जसबीर और मृतका के पति सुखबीर का इतिहास खून से सना है। इन दोनों भाइयों की दो-दो शादियां हुईं और चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों की पहली पत्नियों की मौत भी संदिग्ध और हिंसक परिस्थितियों में हुई थी।
1. जसबीर की पहली पत्नी (2003): गला घोंटकर हत्या का आरोप
पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि जसबीर की पहली शादी सोनीपत की एक युवती से हुई थी। अप्रैल 2003 में उसकी पत्नी की मौत हो गई। उस वक्त आरोप लगा था कि जसबीर ने अपनी पत्नी का गला घोंटा है। मायके वालों की शिकायत पर दहेज हत्या का केस दर्ज हुआ, जसबीर जेल गया, लेकिन सबूतों के अभाव में अक्टूबर 2004 में वह बरी हो गया।
2. सुखबीर की पहली पत्नी: जिंदा जला देने का खौफनाक मामला
छोटे भाई सुखबीर की पहली पत्नी (जींद निवासी) की भी जलकर मौत हुई थी। इस मामले में न केवल सुखबीर, बल्कि जेठ जसबीर और ससुर रणधीर पर भी हत्या का केस दर्ज हुआ था। अगस्त 2008 में ये तीनों जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे। मगर नियति और कानून का खेल देखिए, 2009 में ये तीनों इस मामले में भी बरी होकर बाहर आ गए।
3. जसबीर की दूसरी पत्नी: एक ‘दबा’ हुआ राज
ग्रामीणों के बीच एक और चर्चा आम है कि जसबीर ने दूसरी शादी भी की थी। वह पत्नी छह महीने की गर्भवती थी, लेकिन उसकी भी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। आरोप है कि इस मामले को रसूख या आपसी दबाव में दबा दिया गया और कोई पुलिस रिकॉर्ड दर्ज नहीं होने दिया गया।

Rohtak Murder Mystery वह ‘दूसरी पत्नी’ जिसने 14 साल तक जुल्म सहा
साल 2010 में गद्दी खेड़ी गांव की प्रवेश की शादी सुखबीर से हुई। प्रवेश के परिवार को बताया गया था कि सुखबीर की पहली पत्नी की मौत ‘हादसे’ में जलकर हुई है। उन्हें नहीं पता था कि वे अपनी बेटी को उस घर में भेज रहे हैं जहाँ पहले से ही मौत का सन्नाटा पसरा है।
प्रवेश के तीन बच्चे हुए (दो बेटियां और एक बेटा)। प्रवेश का भाई सोमदास और चचेरा भाई राकेश बताते हैं कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करते थे। कई बार पंचायतें हुईं, लेकिन भारतीय समाज के उस रिवाज के चलते, जिसमें ‘बेटी का घर बसना चाहिए’, परिजनों ने हर बार उसे वापस मौत के कुएं में भेज दिया।

Rohtak Murder Mystery कत्ल की वो रात: ‘डांस’ बना मौत का बहाना
19 अप्रैल की रात रिठाल गांव में पड़ोसियों के घर लेडीज संगीत था। प्रवेश वहां गई और खुश होकर डांस किया। उसे क्या पता था कि उसकी यही खुशी उसके जेठ जसबीर को खटक रही है। जैसे ही प्रवेश घर लौटी, जसबीर ने पुरानी रंजिश और संगीत में नाचने को लेकर विवाद शुरू किया।
गुस्से में पागल जसबीर ने खेत में इस्तेमाल होने वाले हथियार ‘दरांत’ को उठाया और प्रवेश पर एक के बाद एक कई वार किए। हमला इतना बर्बर था कि फर्श खून से लाल हो गया।
“उसने मेरी बहन को ऐसे काटा, जैसे कोई मुर्गे को भी नहीं काटता।” – राकेश (प्रवेश का चचेरा भाई)

Rohtak Murder Mystery मासूम बेटे की आँखों ने देखा खौफनाक मंजर
रात के करीब 10 बजे, प्रवेश के मासूम बेटे हितेश ने अपने मामा को फोन किया। उसकी कांपती आवाज ने पूरी साजिश बेनकाब कर दी। हितेश ने बताया, “मामा, मां खून में लथपथ जमीन पर पड़ी है, ताऊ जसबीर ने उन पर हमला कर दिया और भाग गया।” परिवार आनन-फानन में प्रवेश को पीजीआई ट्रॉमा सेंटर ले गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
Rohtak Murder Mystery हत्या के पीछे की गहरी साजिश: ‘भात’ और धमकी
प्रवेश के भाई राकेश ने एक और महत्वपूर्ण खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 11 मार्च को सोनीपत में एक पारिवारिक कार्यक्रम (भात भरने) में जाना था। जसबीर ने प्रवेश को साफ धमकी दी थी कि अगर वह वहां गई तो वह उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा। प्रवेश फिर भी गई। तभी से जसबीर मौके की तलाश में था। संगीत में डांस करना तो महज एक तात्कालिक बहाना बना, कत्ल की स्क्रिप्ट तो बहुत पहले लिखी जा चुकी थी।
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Rohtak Murder Mystery पुलिस की कार्रवाई: 5 टीमें और फरार ‘शिकारी’
सदर थाना SHO सुरेंद्र कुमार के मुताबिक, पुलिस आरोपी जसबीर की गिरफ्तारी के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पुलिस की 5 टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अब जसबीर के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को नए सिरे से खंगाल रही है ताकि इस बार उसे कानून के शिकंजे से बचने का कोई मौका न मिले।

Rohtak Murder Mystery: समाज और कानून के लिए एक चेतावनी
रिठाल गांव का यह मामला हमारे समाज के उस कड़वे सच को दिखाता है जहाँ एक अपराधी बार-बार बरी होता है और उसका हौसला इतना बढ़ जाता है कि वह सरेआम कत्ल करने से नहीं हिचकता। आज प्रवेश के तीन बच्चे अनाथ हैं, उनका पिता सदमे में है या जांच के घेरे में, और उनका ताऊ एक भगोड़ा हत्यारा।
यह कहानी न्याय की प्रतीक्षा कर रही है। क्या इस बार भी जसबीर ‘सबूतों के अभाव’ का फायदा उठा पाएगा, या प्रवेश को इंसाफ मिलेगा? यह आने वाला वक्त बताएगा।
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