Haryana Congress News हरियाणा की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है। राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने न केवल कांग्रेस को चौंकाया है, बल्कि पार्टी के भीतर गहरे तक पैठ बना चुके गुटबाजी के संकट को भी सतह पर ला दिया है।
बुधवार को कांग्रेस आलाकमान ने कड़ा एक्शन लेते हुए उन 4 विधायकों के नाम सार्वजनिक कर दिए, जिन्होंने पार्टी लाइन से हटकर ‘क्रॉस वोटिंग’ की थी। इन सभी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर 7 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
किन 4 चेहरों पर गिरी गाज?
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने दिल्ली में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की। पार्टी की अनुशासन समिति (Disciplinary Committee) के अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने आधिकारिक रूप से निम्नलिखित विधायकों को नोटिस जारी किए हैं:
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शैली चौधरी (नारायणगढ़): इन्हें कुमारी सैलजा की बेहद करीबी माना जाता है।
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रेनू बाला (सढ़ौरा): इनका टिकट भी सैलजा के कोटे से तय हुआ था।
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मोहम्मद इलियास (पुन्नाह): मेवात क्षेत्र के कद्दावर नेता, जो बीमारी के बावजूद वोट डालने पहुंचे थे।
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मोहम्मद इसराइल (हथीन): इन पर भी पार्टी के निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगा है।
Haryana Congress News विनेश फोगाट का ‘डिजिटल प्रहार’: अपनों को ही बताया ‘जयचंद’
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे तीखा हमला जुलाना से विधायक और स्टार पहलवान विनेश फोगाट की ओर से आया है। विनेश ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी ही पार्टी के भीतर छिपे विरोधियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा कि
“हर बार वार दूसरों के कंधों पर रख कर नहीं होता, कुछ अपने भी जयचंद हैं। सजा उसी को मिले, जिसने गलती की। ईमानदारों के खिलाफ झूठा नैरेटिव बना कर सजा उनको क्यों?”
विनेश का यह बयान उन नेताओं की ओर इशारा करता है जिन्होंने ‘मॉक ड्रिल’ (वोटिंग का अभ्यास) के बावजूद जानबूझकर गलती की या पार्टी को धोखा दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की अदालत में इन चेहरों को बेनकाब किया जाना चाहिए।

Haryana Congress News हुड्डा की रणनीति और विधायकों का ‘धोखा’
खबर के पीछे की कहानी यह है कि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूरी सावधानी बरती थी। वे खुद मोहम्मद इलियास को अपनी गाड़ी में बैठाकर विधानसभा लेकर आए थे। सूत्रों का कहना है कि हुड्डा को पहले से ही कुछ विधायकों पर संदेह था, इसीलिए वे उन्हें अपनी निगरानी में रखना चाहते थे।
वोटिंग वाले दिन की एक और तस्वीर चर्चा में रही, जहां शैली चौधरी को विधानसभा के गेट पर मुख्यमंत्री नायब सैनी की कोर टीम के सदस्य तरुण भंडारी के साथ देखा गया था।
चुनाव परिणामों के बाद यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस के कुल 5 विधायकों के वोटों में हेरफेर हुई है, हालांकि पार्टी ने फिलहाल 4 के ही नाम सार्वजनिक किए हैं।
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Haryana Congress News धरना-प्रदर्शन और विधायकों की सफाई
कार्रवाई के बीच, कांग्रेस के भीतर भी ‘विक्टिम कार्ड’ खेलने का दौर शुरू हो गया है। सिरसा विधायक गोकुल सेतिया और नांगल चौधरी से मंजू चौधरी ने पार्टी दफ्तर के बाहर धरना दे दिया।
उनका कहना था कि सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में उनके नाम भी उछाले जा रहे हैं, जो उनकी छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बाद में हुड्डा ने मौके पर पहुंचकर उन्हें धरना खत्म करने के लिए मनाया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हथीन विधायक मोहम्मद इसराइल ने कहा, “आरोप निराधार हैं, मैंने हुड्डा साहब को अपना वोट दिखाया था।” वहीं, रेनू बाला ने दावा किया कि उन्होंने प्रभारी के सामने ही वोट डाला है और दो दिनों में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
Haryana Congress News सतीश नांदल का हाईकोर्ट जाने का मन
राजनीतिक ड्रामा यहीं खत्म नहीं होता। चुनाव हारने वाले निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने कानूनी विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं।
उनका आरोप है कि ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बेनीवाल का वोट रद्द होना चाहिए था, क्योंकि वोट डालते समय हुड्डा उनके बहुत करीब थे और नियमतः उन्हें दूर रहना चाहिए था। नांदल इस मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी में हैं।
Haryana Congress News राजनीतिक विश्लेषकों की राय: “हेड यू लूज, टेल्स यू लूज”
पंचकूला के वरिष्ठ विश्लेषक दीपक शर्मा का मानना है कि कांग्रेस हाईकमान इस समय धर्मसंकट में है।
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सख्ती का डर: यदि इन विधायकों को निष्कासित किया जाता है, तो कांग्रेस का संगठन टूट सकता है और सरकार बनाने के दावों को झटका लगेगा।
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नरमी का संदेश: यदि इन्हें छोड़ दिया जाता है, तो पार्टी में अनुशासनहीनता और बढ़ेगी। ऐसा प्रतीत होता है कि आलाकमान तुरंत बर्खास्तगी के बजाय संगठन में ‘पावर-शेयरिंग’ का कोई नया फार्मूला अपना सकता है।
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हरियाणा की यह ‘राज्यसभा जंग’ अब व्यक्तिगत लड़ाई बन चुकी है। हालांकि एक तरफ हुड्डा गुट है, दूसरी तरफ सैलजा-रणदीप गुट के समर्थक विधायक हैं, और तीसरी तरफ विनेश फोगाट जैसे युवा नेता हैं जो पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
आने वाले 7 दिन हरियाणा कांग्रेस के भविष्य के लिए निर्णायक साबित होंगे। Haryana Congress News
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