Daksh Dhadkan Sonipat रात के ढाई बज रहे थे। कमरा बिल्कुल शांत था, बस कीबोर्ड पर उंगलियों के चलने की खट-खट और हेडफोन में बजती एक लयबद्ध बीट ही उस खामोशी को तोड़ रही थी। टेबल पर डायरी का पन्ना खुला था, जिस पर दर्जनों पंक्तियां लिखीं और काटी जा चुकी थीं। Daksh Dhadkan सामने […]

