gurugram women clash: हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम में सोमवार को आवारा कुत्तों को पकड़ने के अभियान के दौरान भारी हंगामा हो गया। मियां वाली कॉलोनी में आवारा कुत्तों को लेकर नगर निगम की टीम और ‘डॉग लवर्स’ के बीच शुरू हुई कहासुनी ने हिंसक मोड़ ले लिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दो परिवारों की महिलाएं आपस में भिड़ गईं। उनके बीच जमकर मारपीट हुई, बाल खींचे गए और एक-दूसरे को सड़क पर लिटाकर पीटा गया।
gurugram women clash विवाद की मुख्य वजह: पकड़ने और बचाने की जिद
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब नगर निगम की टीम स्थानीय लोगों की शिकायत पर आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए इलाके में पहुँची थी। जैसे ही टीम ने कुत्तों को जाल में फँसाना शुरू किया, वहां मौजूद कुछ डॉग लवर्स ने इसका कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान कुत्तों के आतंक से परेशान दूसरे पक्ष के परिवारों ने उन्हें सरकारी काम में बाधा न डालने की नसीहत दी। बस इसी बात पर दोनों पक्षों में बहस छिड़ गई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गई।

gurugram women clash वीडियो में कैद हुई हिंसा की तस्वीरें
इस पूरी घटना के दो वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जो विवाद की भयावहता को दर्शाते हैं:
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पहला वीडियो: इसमें देखा जा सकता है कि जैसे ही निगम की गाड़ी गली में प्रवेश करती है, कुछ महिलाएँ उसे रोक लेती हैं। वे टीम से उलझती हैं और विरोध इतना बढ़ जाता है कि एक महिला ड्राइवर से गाड़ी की चाबी छीनने की कोशिश करती है।
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दूसरा वीडियो: इस वीडियो में विवाद हिंसक होता दिखता है। कुत्तों की शिकायत करने वाले परिवार की महिलाएँ बाहर आती हैं और डॉग लवर्स से बहस करने लगती हैं। देखते ही देखते दोनों परिवारों की महिलाएँ एक-दूसरे के बाल पकड़कर खींचने लगती हैं और सड़क पर ही मारपीट शुरू हो जाती है। अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए एक महिला दूसरी को जमीन पर पटक देती है और उसे पीटने लगती है। बाद में परिवार के अन्य सदस्य भी इस झगड़े में कूद पड़ते हैं।
gurugram women clash निगम टीम के साथ बदसलूकी का आरोप
नगर निगम के कर्मचारियों ने भी डॉग लवर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। टीम का कहना है कि न केवल उनके काम को रोका गया, बल्कि उनके साथ बदसलूकी भी की गई। आरोप है कि विरोध करने वाले लोगों ने ड्राइवर से चाबी छीनने का प्रयास किया और टीम के मोबाइल फोन छीनकर अपने घर के अंदर चले गए। निगम कर्मियों के अनुसार, दो दिन पहले ही कुत्तों के काटने और इलाके में डर के माहौल की शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की जा रही थी।
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gurugram women clash सिलसिलेवार घटनाक्रम और स्थानीय स्थिति
यह घटना गुरुग्राम के वार्ड 31 के अंतर्गत आने वाली मियां वाली कॉलोनी, लाजपत नगर और जवाहर नगर इलाकों में चलाए जा रहे अभियान के दौरान हुई। मौके पर मौजूद भाजपा नेता अनु यादव, कई समाजसेविकाओं और स्थानीय निवासियों ने बीच-बचाव कर शांति की अपील की, लेकिन गुस्सा इतना ज्यादा था कि महिलाएँ एक-दूसरे पर हमला करती रहीं।
दो अलग-अलग पक्ष और निगम का रुख
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शिकायतकर्ता पक्ष: स्थानीय निवासियों का कहना है कि आवारा कुत्तों के हमलों से बच्चे और बुजुर्ग असुरक्षित महसूस करते हैं, इसलिए उन्हें पकड़ना जरूरी है।
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डॉग लवर्स: इनका तर्क है कि कुत्तों को पकड़ना या उनके साथ किसी भी तरह की सख्ती करना जानवरों पर अत्याचार है। वे उनकी नसबंदी और सुरक्षा की मांग कर रहे थे।
नगर निगम का बयान: नगर निगम के प्रवक्ता सत्यवीर रोहिल्ला ने स्पष्ट किया कि निगम की टीमें सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही आवारा कुत्तों की नसबंदी और उनके नियंत्रण का कार्य कर रही हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे सरकारी काम में सहयोग करें और शांति व्यवस्था बनाए रखें। फिलहाल, इस घटना के बाद इलाके में तनाव के साथ-साथ चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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