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गुरुग्राम: मेधावी छात्रा की खामोश चीख; 17 बार ‘सॉरी’ और ट्यूशन के उस लड़के का खौफनाक साया

gurugram student harassment : आधुनिकता की चकाचौंध और ऊँची इमारतों वाले शहर गुरुग्राम से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक 17 वर्षीय किशोरी, जो अपनी कक्षा में अव्वल आती थी और जिसके सामने एक पूरा सुनहरा भविष्य पड़ा था, उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना केवल एक आत्महत्या नहीं, बल्कि उस मानसिक प्रताड़ना की पराकाष्ठा है जिसे हमारे समाज की बेटियाँ अक्सर बंद कमरों और ट्यूशन क्लास की गलियों में सहती हैं।

gurugram student harassment: सूने घर में टूटा उम्मीदों का दीया

घटना हरियाणा के गुरुग्राम की है, जहाँ 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने उस वक्त मौत को गले लगा लिया जब घर पर कोई नहीं था। छात्रा का परिवार किसी काम से बाहर गया हुआ था। जब माता-पिता वापस लौटे, तो घर का सन्नाटा उन्हें चीखता हुआ महसूस हुआ। कमरे का दरवाजा खोला गया तो उनकी लाड़ली का शव फंदे से लटका मिला। पल भर में खुशियाँ मातम में बदल गईं और घर की दीवारें परिजनों की चीत्कारों से गूँज उठीं।

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gurugram student harassment मृत लड़की का फाइल फोटो

gurugram student harassment: 17 बार ‘सॉरी’ और टूटे हुए दिल की दास्तां

पुलिस को मौके पर छात्रा के स्कूल बैग से दो पन्नों का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। यह नोट किसी सुसाइड नोट से ज्यादा एक मासूम बच्ची का समाज और अपनी परिस्थितियों के सामने सरेंडर था। नोट में उसने अपनी व्यथा लिखते हुए कहा:

“कुछ समझ नहीं आ रहा है कि क्या करूं, सबकी नजरों में गलत बन चुकी हूं। कोई भी नहीं समझ रहा। कभी नहीं चाहती कि आपको रुलाऊं या बुरा फील कराऊं।”

सबसे ज्यादा मर्मस्पर्शी बात यह थी कि छात्रा ने इस पत्र के अंत में 17 बार ‘सॉरी’ लिखा था। यह ‘सॉरी’ उन अदृश्य बेड़ियों का प्रमाण था, जिसने उसे यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि शायद इस पूरी प्रताड़ना में उसकी ही कोई गलती है। वह अपने माता-पिता को रुलाना नहीं चाहती थी, लेकिन उस युवक की प्रताड़ना ने उसे इतना तोड़ दिया था कि उसे मौत ही एकमात्र रास्ता नजर आया।

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gurugram student harassment सुसाइड नोट की कॉपी

gurugram student harassment ट्यूशन क्लास और पीछा करता ‘खौफ’

मृतका के पिता संतोष प्रसाद ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में बहुत तेज थी। उसने 10वीं कक्षा में 60 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए थे और वह अपनी क्लास की टॉपर थी। लेकिन पिछले कुछ समय से ट्यूशन में पढ़ने वाला एक युवक उसे लगातार परेशान कर रहा था।

पुलिस ने जब छात्रा के मोबाइल की जाँच की, तो उसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मोबाइल चैट्स से पता चला कि वह युवक छात्रा का पीछा करता था और उसे सोशल मीडिया पर भी परेशान करता था।

छात्रा उस युवक से पीछा छुड़ाना चाहती थी, उसने कई बार उसे मना किया, लेकिन आरोपी की जिद और मानसिक टॉर्चर बढ़ता गया। सोशल मीडिया पर एक और चैटिंग सामने आई है जिसमें दो युवक आपस में मृतका को लेकर आपत्तिजनक बातें और ‘फ्रेंडशिप’ करने के दबाव की चर्चा कर रहे थे।

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gurugram student harassment सुसाइड नोट की कॉपी

gurugram student harassment परिजनों का आरोप और पुलिसिया जांच

पीड़ित पिता का आरोप है कि उनकी बेटी की जान उसी युवक की वजह से गई है। साथ ही, उन्होंने पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। पिता का कहना है कि पुलिस उन्हें सही जानकारी नहीं दे रही है और न ही अपेक्षित सहयोग कर रही है।

हालांकि, पुलिस का कहना है कि उन्होंने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है और मोबाइल डेटा को भी खंगाला जा रहा है। जिन युवकों के नाम चैटिंग में आए हैं, पुलिस उनसे संपर्क कर रही है और जल्द ही कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दे रही है।

gurugram student harassment: आखिर कब तक ‘गलत’ समझे जाने का डर जान लेता रहेगा?

यह घटना हमारे समाज के लिए एक बड़ा सवाल है। एक तरफ हम महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, दूसरी तरफ हमारी बेटियाँ इस डर में जी रही हैं कि अगर कोई उन्हें परेशान करेगा, तो समाज उन्हें ही ‘गलत’ समझेगा।

इसी डर का फायदा आरोपी उठाते हैं। 17 बार ‘सॉरी’ लिखना यह बताता है कि वह छात्रा अंदर ही अंदर कितनी डरी हुई थी। उसे लगा कि उसकी परेशानियों से उसके माता-पिता की बदनामी होगी या वे दुखी होंगे।

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gurugram student harassment सुसाइड जैसे आत्मघाती विचारों से बचने के लिए क्या करें?

जीवन में कोई भी समस्या इतनी बड़ी नहीं होती कि जान दे दी जाए। यदि आप या आपके आसपास कोई इस दौर से गुजर रहा है, तो इन बातों का ध्यान रखें:

खुलकर बात करें: अगर कोई आपको परेशान कर रहा है, तो सबसे पहले अपने माता-पिता या किसी भरोसेमंद शिक्षक को बताएं। याद रखें, आप पीड़ित हैं, अपराधी नहीं।

साक्ष्य (Evidence) जुटाएं: अगर कोई सोशल मीडिया या फोन पर परेशान कर रहा है, तो चैट्स और कॉल रिकॉर्डिंग्स का स्क्रीनशॉट लें। यह कानूनी कार्रवाई में बहुत काम आता है।

पुलिस की मदद लें: पुलिस की ‘वूमेन हेल्पलाइन’ (1091) विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए है। आपकी पहचान गुप्त रखी जा सकती है।

खुद को दोष न दें: समाज क्या सोचेगा, इस डर को छोड़ दें। आपकी जान सबसे ज्यादा कीमती है।

मानसिक स्वास्थ्य: अगर बहुत ज्यादा तनाव महसूस हो रहा हो, तो काउंसलर या साइकोलॉजिस्ट से बात करने में कोई बुराई नहीं है।

gurugram student harassment भारत सरकार की हेल्पलाइन नंबर (Government Help Line Numbers)

संकट की स्थिति में तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें:

राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन: 181

महिला पुलिस हेल्पलाइन: 1091

किरण (KIRAN) मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन: 1800-599-0019

पुलिस सहायता: 112 (आपातकालीन नंबर)

टेली-मानस (Tele-MANAS): 14416

याद रखें: जीवन अनमोल है, संघर्षों से भागें नहीं, उनका सामना करें। gurugram student harassment

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